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जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर लगाया 500 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप, दिग्विजय सिंह ने दी क्लीन चिट

 Reported By: Anurag Amitabh Edited By: Malaika Imam
 Published : Jun 28, 2026 07:34 am IST,  Updated : Jun 28, 2026 07:52 am IST

जीतू पटवारी ने मोहन यादव सरकार पर 500 करोड़ की सरकारी जमीन मात्र ₹1 में एक ट्रस्ट को देने का आरोप लगाया था, जिसे उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सिरे से खारिज कर दिया।

दिग्विजय सिंह, मोहन यादव, जीतू पटवारी- India TV Hindi
दिग्विजय सिंह, मोहन यादव, जीतू पटवारी Image Source : REPORTER INPUT/PTI

मध्य प्रदेश कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार पर लगाए गए भ्रष्टाचार के एक बड़े आरोप की हवा खुद उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने निकाल दी है। उज्जैन में दिए दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरने की कोशिश कर रही कांग्रेस खुद बैकफुट पर आ गई है।

क्या था जीतू पटवारी का आरोप?

दरअसल, बीते गुरुवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर सीधे घोटाले का आरोप लगाया था। उनका दावा था कि उज्जैन में सिंधिया परिवार द्वारा बनाई गई करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी संपत्ति को मुख्यमंत्री मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी के वीर भारत न्यास को मात्र ₹1 की लीज पर दे दिया गया है।

जीतू पटवारी ने कहा था, "500 करोड़ की जमीन एक ट्रस्ट को ₹1 में दे दी गई, यह एक नया खुलासा है। इस ट्रस्ट में श्रीराम जी हैं जो मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार हैं। पीएम नरेंद्र मोदी जी किस मुंह से देश को कहना चाहते हैं कि ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा? मुख्यमंत्री से हमारा सवाल है कि ₹1 में यह जमीन क्यों दी गई?"

दिग्विजय सिंह ने अपनी ही पार्टी के अध्यक्ष को घेरा

रविवार को उज्जैन पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जीतू पटवारी के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए मोहन सरकार के फैसले को क्लीन चिट दे दी। दिग्विजय सिंह ने बकायदा दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि वे बिना रिसर्च के कोई बात नहीं करते।

दिग्विजय सिंह ने कहा, "प्राइवेट ट्रस्ट नहीं है, यह सरकारी ट्रस्ट है। इस ट्रस्ट के पदेन अध्यक्ष खुद सूबे के मुख्यमंत्री होते हैं। जब कमलनाथ मुख्यमंत्री थे, तब वह भी इसके अध्यक्ष थे।" जीतू पटवारी का नाम लिए बिना दिग्विजय सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, "इस देश में दलालों की कमी नहीं है। दलाल लोग झूठे आरोप लगाते हैं और पैसा वसूल करते हैं, यह सब उसी का खेल है।" उन्होंने रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट के दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि 'वीर भारत संस्थान' सार्वजनिक ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत है, इसलिए ₹1 में जमीन देने पर घोटाले का यह आरोप सही नहीं है।

सिद्ध हो गया कि दलाल कौन है: बीजेपी

दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद बीजेपी को कांग्रेस पर हमला करने का बड़ा मौका मिल गया है। बीजेपी ने चुटकी लेते हुए कहा कि जीतू पटवारी के आरोपों को खुद उनकी ही पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने खारिज कर दिया है। बीजेपी का कहना है कि दिग्विजय सिंह ने अपने बयान से यह सिद्ध कर दिया है कि असल में दलाल कौन है।

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